नमस्ते, मैं डॉ. पुनीत अग्रवाल, आगरा में पिछले 40 वर्षों से सर्जन के रूप में कार्यरत हूँ। अक्सर मरीज़ मेरे पास अपनी समस्या लेकर आते हैं, लेकिन उन्हें बीमारी का सही नाम पता नहीं होता। वे अपनी तकलीफ को अलग-अलग तरीकों से बताते हैं।
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रीढ़ की हड्डी के नीचे होने वाला दर्दनाक फोड़ा (Boil on tailbone) और बैठने में तकलीफ पायलोनिडल साइनस के लक्षण हो सकते हैं। लेजर द्वारा इसका इलाज अब बहुत आसान है।
क्या आप भी अपनी पीठ के निचले हिस्से में किसी ऐसी ही समस्या से जूझ रहे हैं? आइए जानते हैं उन लक्षणों के बारे में जिन्हें लोग अक्सर गूगल पर सर्च करते हैं।
क्या आप भी इन लक्षणों को महसूस कर रहे हैं?
मरीज़ अक्सर क्लिनिक में आकर अपनी परेशानी इन शब्दों में बताते हैं, जो असल में पायलोनिडल साइनस (Pilonidal Sinus) के संकेत हैं:
• "Boil on tailbone" (रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से पर फोड़ा): कई लोग इसे एक सामान्य फोड़ा समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अगर यह बार-बार हो रहा है, तो यह साइनस हो सकता है।
• "Pain at top of buttock crease" (कूल्हों के बीच के ऊपरी हिस्से में दर्द): उठते-बैठते समय इस हिस्से में होने वाला तेज दर्द इसका प्राथमिक लक्षण है।
• "Tailbone pain while sitting" (बैठते समय टेलबोन में दर्द): अगर आपको ऑफिस में या ड्राइविंग करते समय अपनी रीढ़ की हड्डी के निचले सिरे पर असहनीय दर्द महसूस होता है, तो यह अंदरूनी संक्रमण का संकेत है।
• "Small hole near back bone with pus" (रीढ़ की हड्डी के पास पस वाला छोटा छेद): कभी-कभी फोड़ा फूट जाता है और वहां एक छोटा सा छेद बन जाता है जिससे लगातार पस या खून निकलता रहता है।
• "Pimple on lower back that won't go away" (पीठ के निचले हिस्से पर फुंसी जो ठीक नहीं हो रही): अगर कोई दाना या फुंसी हफ्तों से ठीक नहीं हो रही है, तो समझ लीजिए कि त्वचा के अंदर बाल फंसने के कारण संक्रमण गहरा हो गया है।
यह समस्या क्यों होती है?
इसे चिकित्सा भाषा में पायलोनिडल साइनस कहा जाता है। यह अक्सर तब होता है जब पीठ के टूटे हुए बाल त्वचा के अंदर घुस जाते हैं। हमारा शरीर इन बालों को बाहरी तत्व मानकर उनके खिलाफ रिएक्शन करता है, जिससे वहां संक्रमण और पस बन जाता है।
बिना बड़ी सर्जरी के इसका स्थायी समाधान
अगर आप "Tailbone pain while sitting" या "Boil on tailbone" से परेशान हैं, तो डरें नहीं। अब आपको हफ्तों तक अस्पताल में रहने या बड़ी चीरा-फाड़ी वाली सर्जरी की जरूरत नहीं है।
आधुनिक लेजर सर्जरी (SiLaC) के माध्यम से हम इस समस्या को जड़ से खत्म कर सकते हैं।
• इसमें कोई टांका नहीं आता।
• मरीज अगले ही दिन से अपने काम पर वापस लौट सकता है।
• दर्द न के बराबर होता है।
निष्कर्ष
यदि आप अपनी लोअर बैक पर कोई ऐसी फुंसी देख रहे हैं जो ठीक नहीं हो रही (Pimple on lower back that won't go away), तो तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लें। आगरा में हमारे केंद्र पर हम लेजर तकनीक द्वारा इसका सफल इलाज कर रहे हैं।
संपर्क:
डॉ पुनीत अग्रवाल
लेज़र तथा लैप्रोस्कोपिक सर्जन
आगरा
ह्वाट्सऐप मैसेज 9837144287
चेकलिस्ट: क्या आपको भी तुरंत डॉक्टर को दिखाने की ज़रूरत है?
यदि आप अपनी पीठ के निचले हिस्से (Lower Back) में असहज महसूस कर रहे हैं, तो इन 5 बिंदुओं पर गौर करें:
• बैठने में तकलीफ: क्या आपको टेलबोन (Tailbone) के पास बैठने या लेटने में दर्द महसूस होता है?
• सूजन या फोड़ा: क्या कूल्हों के बीच के ऊपरी हिस्से में कोई लाल रंग की फुंसी या सूजन (Boil) है?
• रिसाव (Discharge): क्या उस हिस्से से बार-बार पस (Pus) या बदबूदार पानी निकलता है?
• छोटे छेद: क्या आपको वहां एक से ज्यादा छोटे-छोटे छेद (Small holes) नज़र आ रहे हैं?
• बुखार या थकान: क्या संक्रमण की वजह से आपको हल्का बुखार या थकान महसूस होती है?
डॉक्टर की सलाह: यदि इनमें से 2 या उससे ज्यादा लक्षण आप में हैं, तो यह एक साधारण फोड़ा नहीं बल्कि पायलोनिडल साइनस हो सकता है। इसे नजरअंदाज करना संक्रमण को और गहरा बना सकता है।

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