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सिट्ज़ बाथ (Sitz Bath) क्या है? बवासीर और फिशर में लाभ और तरीका

  सिट्ज़ बाथ (Sitz Bath) क्या है? बवासीर और फिशर के दर्द से राहत पाने का सही तरीका और अश्विनी मुद्रा के फायदे   नमस्ते दोस्तों! मैं डॉ. पुनीत अग्रवाल , पिछले 40 वर्षों से आगरा में एक सर्जन के रूप में कार्यरत हूँ। गुदा मार्ग (Anal region) की बीमारियों जैसे बवासीर (Piles), फिशर और भगंदर में मरीज़ अक्सर असहनीय दर्द और सूजन से परेशान रहते हैं। आज मैं आपको एक ऐसी प्राकृतिक और असरदार विधि के बारे में बताऊंगा जिसे आप आसानी से घर पर कर सकते हैं— सिट्ज़ बाथ (Sitz Bath) । साथ ही, हम जानेंगे कि इसके साथ अश्विनी मुद्रा का अभ्यास आपके लिए कितना लाभकारी हो सकता है। सिट्ज़ बाथ (Sitz Bath) क्या है? 'सिट्ज़' शब्द जर्मन शब्द 'sitzen' से बना है, जिसका अर्थ है 'बैठना'। सिट्ज़ बाथ में मरीज एक टब में रखे गुनगुने पानी में अपने कूल्हों को डुबोकर सिकाई करता है। यह विधि गुदा मार्ग की मांसपेशियों के तनाव को कम करती है और वहां की सफाई भी सुनिश्चित करती है। सिट्ज़ बाथ के मुख्य फायदे (Benefits of Sitz Bath) दर्द और सूजन में कमी: यह गुदा मार्ग और आसपास के हिस्से के दर्द को तुरंत कम करता है। खुजल...